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12 October 2025

अपना कोहि नहिं होता हे

सिखो अपनो से
सपने तो हर कोहि देख सकते हैं
ईश संसारमे कोहि अपना नहिं होता हे,
खुदका लास भि छोडकर जाना पडता हे।

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